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- आठ जून तक सौंपी जा सकती रिपोर्ट -फिलहाल समिति विशेषज्ञों के साथ कर रही सलाह मशविरा राज्य ब्यूर

राजनीतिक लोग विरोध का कोई ही मौका छोड़ना नहीं चाहते. अब एमआईएम पार्टी के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी को ले लीजिए जिन्होंने अपने एक व्यंग्यात्मक ट्वीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस दोनों पर एक साथ निशाना साधा है.

बता दें कि ओवैसी ने अपने व्यंग्यात्मक शैली में लिखा कि कांग्रेस के अनुसार उनके उपाध्यक्ष हिंदू हैं और जनेऊ धारी (ब्राह्मण) हैं, जबकि बीजेपी कहती है कि उनके नेता मोदी हिंदू और ओबीसी हैं,.ऐसा लगता है कि यह काफी सम्मानित क्लब है, जिसमें मुझे प्रवेश नहीं मिलेगा, क्योंकि मैं सांप्रदायिक हूं और बाकी सेक्यूलर और राष्ट्रवादी हैं.

उल्लेखनीय है कि ओवैसी का यह ट्वीट उस विवाद के बाद आया जिसमें राहुल गांधी को 'गैर हिंदू' कहा जा रहा था. पता ही है कि कल राहुल गांधी सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने गए थे. वहां एक रजिस्टर है जिसमें आने वाले गैर हिंदू धर्म के लोगों को एंट्री करनी होती है,जबकि हिन्दुओ को नहीं.हालाँकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि रजिस्टर में नाम राहुल ने खुद लिखा था या फिर किसी और ने, लेकिन विवाद ने तूल पकड़ लिया है.

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वॉशिंगटन: उत्तर कोरिया द्वारा एक बार फिर मिसाइल परीक्षण करने से पूरी दुनिया चिंतित हो गई है.इस बारे में अमेरिका ने उत्तर कोरिया को विश्व के लिए खतरा बताया है.अमेरिका ने प्योंगयांग पर अधिकतम दबाव बनाने की अपील की है.

बता दें कि इस बारे में व्हाइट हाउस प्रधान प्रेस उपसचिव राज शाह ने कहा, कि उत्तर कोरिया ने जो खतरा पैदा किया है वह बहुत गंभीर है. यह पूरे विश्व और सभ्य समाज के लिए भी खतरा है.दुनिया के अन्य देश भी उत्तर कोरिया पर अधिकतम दबाव बना रहे हैं जिससे अमेरिका को प्रोत्साहन मिल रहा है.इसी कड़ी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग से फोन पर चर्चा कर उत्तर कोरिया की कच्चे तेल की आपूर्ति रोकने की अपील की.

उल्लेखनीय है कि उत्तर कोरिया पर अमेरिका ने सबसे सख्त प्रतिबंध लगाए गए, जिन पर चीन और रूस ने भी मंजूरी दी. वहीँ चीन ने उत्तर कोरिया की उर्जा खेप पर रोक लगाई. दर्जनों देश उत्तर कोरिया के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों में उर्जा, आर्थिक संबंध और राजनयिक संबंध तोड़ने की तैयारी में है.अमेरिका की रणनीति है कि उत्तर कोरिया पर अधिकतम दबाव बनाया जाए और कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु हथियारों को नष्ट किया जाए.

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न्यूजर्सी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ट्वीट में एक वीडियो पोस्ट किया था। हालांकि ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने उसकी आलोचना करते हुए वीडियो को गलत बताया था। ट्रंप ने ट्वीट में लिखा था कि, यूनाइटेड किंगडम में होने वाले विनाशकारी कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद पर ध्यान दीजिए, पीएम ने कहा , मुझ पर ध्यान मत दीजिए। इस वीडियो में एक प्रवासी मुसलमान को, एक व्यक्ति पर हमला करते दिखाया गया था।

इस संगठन की स्थापना, ब्रिटिश नेशनल पार्टी बीएनपी,के पूर्व सदस्यों ने 2011 में की थी। यह संगठन सोशल मीडिया पर कई बार, मुस्लिम विरोधी विवादित पोस्ट शेयर करता नजर आता है। इस संगठन का मानना है कि, ब्रिटेन इस्लामीकरण की ओर बढ़ रहा है। इस मामले में डाउनिंग स्ट्रीट द्वारा कहा गया है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति का यहां सरकारी यात्रा का कार्यक्रम रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद, सबसे पहले अमेरिका पहुंची थीं और ट्रंप को बधाई देते हुए उन्हें ब्रिटेन आने का निमंत्रण दिया था लेकिन, बाद में दोनों नेताओं के बीच आरोप - प्रत्यारोप लगाए गए, और दोनों के बीच जमकर आलोचनाओं का दौर चला।

जिसके चलते ये दौरे कार्यक्रम मुश्किल में पड़ गए। हालांकि व्हाईट हाउस के प्रधान प्रेस उपसचिव राज शाह ने कहा है कि, राष्ट्रपति ट्रंप अपने प्रचार अभियानों और व्हाइट हाउस में कार्य संभालने तक आतंकवाद, और सुरक्षा के मसले को सामने रखते रहे हैं। उनका कहना था कि, वे ट्वीट कर इस मामले में चर्चा करते रहेंगे। वे केवल अमेरिका में आने वाले लोगों की सुरक्षा और, यहां के व्यक्तियों की सुरक्षा की बात कर रहे हैं वे, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री मे का सम्मान करते हैं।

.@Theresa_May, don’t focus on me, focus on the destructive Radical Islamic Terrorism that is taking place within the United Kingdom. We are doing just fine!

इवांका जानेंगी भारत का इतिहास

आतंकी संगठन के मुद्दे पर अमेरिका ने पलटी मारी

बिना अधिकारियों के आज भारत आएंगी इवांका

 

नीदरलैंड के हेग स्थित अपराध प्राधिकरण में चल रही सुनवाई के दौरान एक आरोपी द्वारा ज़हर पीकर ख़ुदकुशी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है.72 वर्षीय स्लोबदान प्रालजाक ने खुद को युद्ध अपराधी नहीं बताते हुए जहर की पूरी बोतल अपने मुंह में उड़ेल ली. जिससे उसकी मौत हो गई. दरअसल प्राजलाक बोस्निया युद्ध का आरोपी था.

उल्लेखनीय है कि स्लोबदान प्रालजाक को 2004 में नीदरलैंड कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई थी.क्राइम ट्रिब्यूनल ने बुधवार को उसकी सजा को बरकरार रखा था. इससे नाराज हुए प्रालजाक ने जहर की शीशी मुंह में उड़ेलने पर बचाव पक्ष के वकील ने ज़हर पीने की बात कही.हालाँकि एम्बुलेंस भी आ गई लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. इस घटना के बाद जज कार्मेल एजीउस ने सुनवाई को निलंबित कर दिया और कोर्ट बंद हो गई.

गौरतलब है कि कोर्ट में प्रालजाक की बोस्निया-क्रोएशिया युद्ध की सुनवाई चल रही थी. इस युद्ध में प्रालजाक उन छह लोगों में शामिल थे, जिन्होंने 90 के दशक में मुसलमानों को यूगोस्लाविया में बोस्निया-क्रोएशिया शासित राज्यों से अलग रखने के लिए युद्ध किया था. इसमें लाखों मुसलमानों को मार डाला गया था . 11 वर्षों तक चले इस युद्ध की समाप्ति नाटो सेना के दखल के बाद ही हो पाई थी.

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वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे को लेकर, वीडियो पोस्ट किया था। दक्षिणपंथी ब्रिटिश अकाउंट पर डाले गए, मुस्लिम विरोधी वीडियो को रीट्वीट करने का बचाव किया गया। इस मामले में व्हाइट हाउस ने सफाई दी है। जिसमें कहा गया है कि, अमेरिका के राष्ट्रपति सुरक्षा के मसले पर बात कर रहे हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बोलेंगे और अपनी बात जारी रखेंगे। वे भाषणों में चर्चा करेंगे, जिस पर वे अपनी नीतियों में बात ।

व्हाइट हाउस के प्रधान प्रेस उपसचिव ने अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से कहा कि, डोनाल्ड ट्रंप जो कि, अमेरिका के राष्ट्रपति हैं वे अपने निर्वाचन के प्रचार - प्रसार के साथ व्हाइट हाउस में दाखिल होने तक सुरक्षा के मसले पर बात करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि, उनकी प्राथमिकता रक्षा व सुरक्षा है। डाऊनिंग स्ट्रीट ने इस मामले में प्रेसिडेंट की आलोचना की और कहा कि, विवादित वीडियो को रीट्वीट करना एक गलत कदम है।

डाऊनिंग स्ट्रीट की आलोचना के बाद, ट्रंप ने फिर से ट्वीट किया है,टेरिजा एटेरिजा मे मुझ पर ध्यान ना दें,विनाशकारी कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद पर ध्यान दें जो ब्रिटेन में पनप रहा है। हम बिल्कुल ठीक - ठाक हैं। उल्लेखनीय है कि डोनाल्ड ट्रंप आतंकवाद के विरोध में बात करते रहे हैं और उन्होंने अपनी आलोचना के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा को कहा है कि वे बढ़ते वैश्विक आतंकवाद के खतरों पर ध्यान दें। हालांकि अमेरिका और ब्रिटेन के संबंध बेहतर बताए जा रहे हैं लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि कुछ समय पूर्व अमेरिका के प्रेसिडेंट और ब्रिटिश पीएम मे के बीच कुछ बातों को लेकर तनाव व्याप्त हो गया था।

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न्यूजर्सी। अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रति नाराजगी जाहिर की है। दरअसल यह नाराजगी, पाकिस्तान के आतंकी हाफिज सईद को लेकर जताई जा रही है। अपनी नाराजगी में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि, सईद संयुक्त राष्ट्र की ओर से, घोषित आतंकी है, उसे हमारे वित्त विभाग ने आतंकी घोषित किया है, गौरतलब है कि, आतंकी पर 1 करोड़ डाॅलर का पुरस्कार रखा गया है।

इस हेतु किसी के दिमाग में इस मामले में संदेह नहीं है कि, आखिर यह व्यक्ति आतंकी सरगना है। उनका कहना था कि, आतंकी को रिहा करने, उसे जनसभा करने देने व लोगों के सामने मौजूद होने की, अनुमति देने से पाकिस्तान के हित, सुरक्षित नहीं होते हैं। हम पाकिस्तान के किसी भी तरह के दावे के विरूद्ध हैं।

भारत द्वारा मुंबई हमले के मास्टर माईंड, आतंकी हाफिज सईद को लेकर, मांग की जाती रही है कि उसे भारत को सौंपा जाए लेकिन, पाकिस्तान उस पर नज़रबंदी की कार्रवाई या न्यायालयीन कार्रवाई करने का हवाला देता है और, फिर उसे भारत को नहीं सौंपा जाता, तो दूसरी ओर, पाकिस्तान इस मामले में पर्याप्त सबूत न होने की बात भी करता है।

हालांकि हाफिज सईद को लेकर, अमेरिका का दोहरा रवैया समझ से परे है। पहले तो अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मामले में कार्रवाई न करने पर हथियार आदि सामग्री बेचने से इन्कार कर दिया था, मगर बाद में, अमेरिका पाकिस्तान की ओर झुकने लगा। दूसरी ओर, अब वह पाकिस्तान का विरोध कर रहा है।

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इस हेतु किसी के दिमाग में इस मामले में संदेह नहीं है कि, आखिर यह व्यक्ति आतंकी सरगना है। उनका कहना था कि, आतंकी को रिहा करने, उसे जनसभा करने देने व लोगों के सामने मौजूद होने की, अनुमति देने से पाकिस्तान के हित, सुरक्षित नहीं होते हैं। हम पाकिस्तान के किसी भी तरह के दावे के विरूद्ध हैं।

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हालांकि हाफिज सईद को लेकर, अमेरिका का दोहरा रवैया समझ से परे है। पहले तो अमेरिका ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मामले में कार्रवाई न करने पर हथियार आदि सामग्री बेचने से इन्कार कर दिया था, मगर बाद में, अमेरिका पाकिस्तान की ओर झुकने लगा। दूसरी ओर, अब वह पाकिस्तान का विरोध कर रहा है।

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