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सरकारी गेहूं से दुल्हन ब्रांड का आटा बेचता था फैक्ट्री मालिक, प्रशासन ने की छापामार कार्रवाई
औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार की देर शाम जिला प्रशासन की टीम ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान सामने आया कि दुल्हन ब्रांड से आटा बेचने वाला फैक्ट्री मालिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के गेहूं से आटा बनाकर बेच रहा है।

हाल ही में, ब्रिटेन के अपराध निरोधक अधिकारियों ने एक बहुत ही चौंकाने वाला खुलासा किया। ब्रिटेन में अधिकारियों और पुलिस ने एक जोड़े से 300,000 पाउंड जब्त किए हैं, जो भारतीय मूल के थे। नकदी को अपराध की आय के रूप में माना जा रहा है। दंपति के घर और संबंध - उत्तर पश्चिम लंदन के एजवेयर में सैलेश और हरकीत सिंगारा को गहनता से तलाशा जा रहा है साथ ही इसने लगभग 200,000 पाउंड से अधिक का खुलासा हुआ, जिसमें से लगभग आधे पैसे चतुराई से एक बिस्तर पर गिर गए। राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (एनसीए) ने आगे कहा, 'फर्श पर एक सूटकेस में एक और 100,000 पाउंड की खोज की गई थी।'


एनसीए में थ्रेट रिस्पांस के प्रमुख राकेल हर्बर्ट ने कहा, “कुछ मनी सर्विस बिजनेस (MSBs) अवैध नकदी की आवाजाही को सुविधाजनक बनाकर ब्रिटेन के लिए जोखिम पैदा करना जारी रखते हैं। एनईसीसी और उसके सहयोगियों ने इस खतरे की एक बढ़ी समझ विकसित की है, जो वैध व्यवसायों के दौरान संदिग्ध MSBs के खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है। "इसके अलावा, जो अधिकारी खोज कर रहे थे उन्हें बैग में एक और 100,000 पाउंड मिले है जो कि सैलेश के स्वामित्व में था। जिसमे मांडलिया, सिंगारा के एक व्यापार भागीदार है।


वही धन को अपराध की कार्यवाही मानते हुए, मेट्रोपॉलिटन पुलिस संगठित अपराध भागीदारी (OCP) जिसमें अभियोजन पक्ष ने एक त्याग आदेश के लिए अपील की, जो ब्रिटेन में एक नागरिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य अवैध नकदी को पुनर्प्राप्त करना है जहां कोई आपराधिक अपराध नहीं हुआ है। अक्टूबर 2019 में, लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में आदेश दिया गया था, साथ ही निर्देश दिया गया था कि तीन उत्तरदाताओं को संयुक्त 1,895 पाउंड की लागत का भुगतान करना होगा। हालाँकि, मंडालिया और सिंगारस ने त्यागने का आग्रह किया था।

माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स के पिता का हुआ निधन

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माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट संस्थापक बिल गेट्स के पिता का सोमवार को निधन हो गया है। बिल गेट्स के पिता विलियम हेनरी गेट्स द्वितीय 94 वर्ष के थे। परोपकारी बिल गेट्स अपने सरकारी ब्लॉग पर सूचित किया, "हम सब कितने लकी है कि इतने वर्षों से आप हमारे साथ थे।" गेट्स एक सेना के अधिकारी और सह एक सिएटल लॉ फर्म में संस्थापक थे, अपनी आधिकारिक जीवनी राज्यों के रूप में बिल गेट्स ने एक बार कहा कि उनके पिता को दान के लिए संगठन शुरू करने में यकीन नहीं था। 

उनके प्रगतिशील कराधान के लिए परिवार अत्यधिक उत्साहित था, विशेष रूप से वाशिंगटन में अमीर लोगों पर राज्य आयकर पारित करने के उनके असफल प्रयास सामने आए थे। सीनियर गेट्स के व्यक्तिगत जीवन के बारे में बात करें, तो उनका जन्म 1925 में हुआ था और उन्होंने अपना प्रारंभिक जीवन ब्रेमरटन वाशिंगटन में बिताया, जहाँ उनके माता-पिता एक फर्नीचर की दुकान के मालिक थे। द्वितीय विश्व युद्ध के समय, उन्होंने अपनी रुचि दिखाई और वाशिंगटन विश्वविद्यालय में अपने नए साल के बाद सेना में शामिल हो गए और 1945 में आत्मसमर्पण करने पर जापान के लिए मार्ग बनाया।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका में वापस आने से पहले उन्होंने युद्धग्रस्त टोक्यो में एक साल तक अपनी सेवाएं दीं और अपनी शिक्षा को फिर से शुरू किया। 1950 में अपनी कानून की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने एक निजी प्रैक्टिस और ब्रेमर्टन सिटी अटॉर्नी में अंशकालिक के रूप में काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने दो अन्य सहयोगियों के साथ सिएटल लॉ फर्म का गठन किया जो अंततः प्रेस्टन गेट्स और एलिस के रूप में निकला, जिसे अब K & L गेट्स के रूप में जाना जाता है, जो दुनिया की सबसे बड़ी कानून फर्मों में से एक है। फर्म इस क्षेत्र के प्रौद्योगिकी उद्योग के साथ काम करने वाले पहले लोगों में से एक थे।

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वाशिंगटन: पिछले महीने एक आदेश में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी वीडियो शेयरिंग एप टिकटाक के लिए 15 सितंबर की डेडलाइन निर्धारित की थी। ट्रंप ने टिकटाक को मोहलत देते हुए कहा था कि वह या तो अमेरिका से अपना कारोबार समेट ले या फिर किसी अमेरिकी कंपनी को अपना कारोबार बेच दे। शुरुआत में माइक्रोसाॅफ्ट ने बाइट डांस से सौदे पर चर्चा की बात कही थी। बता दें कि चीनी इंटरनेट टेक्नोलाॅजी कंपनी बाइट डांस, टिकटाक की मदर कंपनी है।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि वह टिकटाक को और अधिक समय नहीं देने जा रहे हैं। वे 15 सितंबर से आगे उसे कोई समय नहीं देंगे। एक सवाल का जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि हम देखते हैं कि क्या होता है। या तो वे यहां अपना कारोबार बंद कर दें या फिर इसे किसी अमेरिकी कंपनी के हाथों बेच दें। अगर वे ऐसा कुछ नहीं करेंगे तो अमेरिका सुरक्षा वजहों से टिकटाक को अमेरिका में बंद कर देगा।

विश्व में भारत पहला ऐसा देश है, जिसने चीनी वीडियो शेयरिंग कंपनी टिकटाक पर बैन लगा दिया था। उस वक़्त भारत ने चीन के 100 अन्य मोबाइल एप्लीकेशन पर भी पाबन्दी लगाई थी। भारत ने सुरक्षा वजहों का हवाला देते हुए ऐसा किया था। भारत के इस कदम की अमेरिका ने जमकर तारीफ की थी। अमेरिकी अधिकारियों ने ट्रम्प प्रशासन से भी चीनी एप्लीकेशन के साथ ऐसा ही करने की अपील की थी।

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हाल ही में डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि, 'हमें ऐसे राष्ट्रपति की जरूरत है जो विज्ञान का सम्मान करता हो और जलवायु परिवर्तन से हो रहे नुकसान को समझता हो।' आप जानते ही होंगे इस समय पश्चिमी अमेरिका के जंगल में आग लगी हो और इस आग के लिए जिम्मेदारी लेने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप डर रहे हैं। उन्ही पर बिडेन ने हमला बोला है।

आप सभी जानते ही होंगे कि आने वाले 3 नवंबर को अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव है जिसमें रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक जो बिडेन के बीच कड़ी टक्कर होने वाली है। ऐसे में डेमोक्रेटिक जो बिडेन दिन पर दिन कुछ ना कुछ ऐसे बयान दे रहे हैं जिसकी वजह से वह चर्चाओं में आ रहे हैं। आज ही उन्होंने कहा- 'मोक्रेट राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जिस पेरिस समझौते में अमेरिका की बड़ी भूमिका निभाई उसे ट्रंप ने एक झटके में खत्म कर दिया। जलवायु परिवर्तन एक बड़ा मुद्दा है।'

जी दरअसल इस समय कैलिफोर्निया प्रांत के ओरेगन व आसपास के जंगल में लगी आग अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में एक मुद्दा बनती जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैलिफोर्निया यात्रा से ठीक पहले ही उनके डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने का एलान कर डाला है। मिली जानकारी के अनुसार डेमोक्रेटिक प्रत्याशी इस मामले के बारे में एक भाषण तैयार कर रहे हैं ताकि राष्ट्रपति चुनाव में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे के बारे में बात हो सके।

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वाशिंगटन: माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने कहा है कि भारत वैक्सीन उत्पादन के मामले में आगे है. हमें कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में भारत के सहयोग की जरुरत है. एक न्यूज एजेंसी के साथ साक्षात्कार में बिल गेट्स ने कहा कि मुझे इसे लेकर बहुत उम्मीद है कि अगले वर्ष की पहली तिमाही तक कोरोन वायरस की कई वैक्सीन का अंतिम चरण होंगी.

बिल गेट्स ने कहा कि इसकी काफी संभावना है कि भारत में कोरोना वैक्सीन का उत्पादन बहुत बड़ी मात्रा में अगले साल होगा. उन्होंने कहा कि वैक्सीन उत्पादन को लेकर पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है. विकासशील देशों के लिहाज से देश में उस क्षमता की तलाश की जा रही है. उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नहीं है जब बिल गेट्स ने कोरोना वैक्सीन के उत्पादन को लेकर भारत की क्षमता पर विश्वास प्रकट किया है.

इससे पहले उन्होंने जुलाई में भी कहा था कि भारत के पास इतनी ताकत है कि वह पूरी दुनिया के लिए कोरोना की वैक्सीन बनाकर उसकी सप्लाई कर सके. बिल गेट्स का कहना था कि भारतीय दवा इंडस्ट्री केवल अपने देश के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए वैक्सीन बनाकर सप्लाई करने की ताकत है. 

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वेलिंगटन: बीते दिनों भले ही न्यूजीलैंड में कोविड पर नियत्रंण पा लिया गया हो, लेकिन फिर से इस देश में कोविड का प्रसार बढ़ता ही जा रहा है। अब दुबई से न्यूजीलैंड पहुंचे तीन लोगों का कोविड टेस्ट पॉजिटिव मिलते ही हड़कंप पैदा हो गया। इन 3 लोगों में 2 बच्चे और एक 30 साल का शख्स भी शामिल है।

9 सितंबर को पहुंचे थे न्यूजीलैंड: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह तीनों 9 सितंबर 2020 को दुबई से न्यूजीलैंड पहुंचे थे। अभी दिनों तीनों को क्वारंटाइन सेंटर में रख दिया गया है। रोटोरुआ के इबिस होटल में तीनों इस वक़्त आइसोलेट हैं।

अधिकारियों के अनुसार देश में फिलहाल अभी कोई भी कम्युनिटी ट्रांसमिशन मामले मंगलवार को नहीं दर्ज किए गए है। अभी 56 लोग जो कम्युनिटी कलस्टर से संबंधित हैं उन्हें ऑकलैंड क्वराइंटन सेंटर में रखा गया है। मौजूदा समय में वहां 4 लोगों को कोरोना वायरस हॉस्पिटल में हैं वहीं दो अन्य आइसीयू में हैं। मंगलवार को सामने आए 3 मामलों के साथ ही 16 मरीज ठीक भी हुए हैं। न्यूजीलैंड में अभी एक्टिव केसों का आंकड़ा 83 तक पहुंच चुका है। इसमें से 28 केस अन्य आयातित केस हैं और 55 कम्युनिटी केस हैं। अब देश में कुल संक्रमितों की संख्या 1 हजार 450 तक पहुंच गया है वहीं मरने वालों का आंकड़ा 24 हो चुका है। 

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इस्लामाबाद: तिब्‍बत और ताइवान से दूर रहने की नसीहत देने वाला चीन अब खुद ही भारत के मूलभूत हितों को नज़रअंदाज़ कर सीमा पर तनाव बढ़ाने की कोशिशें कर रहा है। चीन-पाकिस्‍तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) के तहत जहां चीन, पाकिस्‍तान में 87 अरब डॉलर लगा रहा है, वहीं चुपके से ड्रैगन, पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (POK) के गिलगिट इलाके में पाकिस्‍तानी फ़ौज की सहायता से सैन्‍य अड्डा बना रहा है। 

चीन और पाकिस्‍तान इसी नापाक चाल के कारण लद्दाख में भारत के साथ चीन का तनाव बढ़ता ही जा रहा है। चीन CPEC के तहत पाकिस्‍तान में 87 अरब डॉलर की सहायता से बंदरगाह, सड़कें, रेलवे और पॉवर प्‍लांट तैयार कर रहा है। चीन का उद्देश्य मलक्‍का स्‍ट्रेट पर अपनी निर्भरता को कम करते हुए ग्‍वादर पोर्ट के जरिए विश्व को उत्पादों का निर्यात करना है। चीन को हमेशा यह भय बना रहता है कि मलक्‍का स्‍ट्रेट में भारत और अमेरिका उसके लिए मुसीबत  बन सकते हैं। इसीलिए उसने अपनी पूरी जान पाकिस्‍तान में झोक दी है।

एशिया टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने हाल के दिनों में CPEC के तहत 11 अरब डॉलर की और परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इनमें से कई चीनी परियोजनाएं पीओके में चलाई जानी हैं। स्‍थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्‍तानी प्रशासन भले ही इस बात का खंडन करता हो, किन्तु उसने चुपके से चीनी फ़ौज को अपने ग्‍वादर और गिलगिट बाल्टिस्‍तान के सैन्‍य ठिकानों को उपयोग करने का अधिकार दे द‍िया है।

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