एक मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी है, जो एक बेहद सामाजिक मुद्दे को एड्रेस करती है। जवान बच्चों के माता-पिता अगर संतानोत्पत्ति करते हैं, तो इसे हमारे समाज में सही नहीं समझा जाता।